ज़िंदों मे रखा है मुर्दा बना कर
बूढ़े को बाप कहने से शर्माने लगा है
हमारा अजीज हमसे घबराने लगा है
पर एक बात तो है
पेंशन की लालसा मे
बस एक दिन अच्छा खिलाने लगा है
गुनेश्वर
बूढ़े को बाप कहने से शर्माने लगा है
हमारा अजीज हमसे घबराने लगा है
पर एक बात तो है
पेंशन की लालसा मे
बस एक दिन अच्छा खिलाने लगा है
गुनेश्वर
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