शिक्षक
शि=शिरोधार्य,,,,क्ष=क्षमाशील,,,,क=कर्मठ
शिक्षक का महत्व क्या बतलाऊँ तुमको
शिरोधार्य करना इनकी ज्ञान की बातें
यह क्षमाशील होते हैं ये सहिष्णु होते हैं
ये कर्मठ होतें हैं,इनसे जागृत देश होता
जैसे माँ ममता की पूँजी होती है
वैसे ही शिक्षक ज्ञान की कुँजी है
निकालकर हमें अँधेरे से
प्रकाश की ओर लेकर जाते हैं\\\
अच्छी अच्छी बाते बतलाते हैं\\\
सब शंकाओं को दूर भगाते हैं\\\
मधुर इनकी वाणी होती\\\
ज्ञान से करना प्रेम सिखाते\\\
सब अनबुझ पहेलयों को
वे चुटकी में सुलझातें हैं\\\
शिक्षक की गहराई
तुम नाप न पाओगे
ज्ञान की पोथी कितनी
यह भाँप न पाओगे
प्यार से सब कुछ
दे देते तुमको\\\\
नहीं माँगते कुछ भी तुमसे
तुम जान लेना ये सच्ची बातें
आत्मसात करना अच्छी बातें
और क्या क्या बतलाऊँ तुमको
महत्व सब कैसे समझाऊँ तुमको
बस इतना ही जान लेना तुम
भगवान् से पहले शिक्षक होते हैं
बस यह बात मान लेना तुम \\\
गुनेश्वर
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