Saturday, 14 September 2013


राज जिन्दगी का बताना पड़ रहा है        21
साज दिखावे का बजाना पड़ रहा है 22
संवेदनाऐं सारी  सुप्त हो रही हैं २२
यह खुद को भी समझाना पड़ रहा है २१
गुनेश्वर 


आज 

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