मत होना नतमस्तक
यह लोलुपता की अंधड़ आंधी है
अंधत्व दे दो उनको जो सहभागी हैं
हमारे सांस्कृतिक परिवेश को
क्या वह जनता नहीं
परवश हुआ जा रहा है फिर भी
मानता नहीं
खूंट दो जमीं के अंदर दो गज
प्यार अनुराग की कोई मजबूरी नहीं
किंचित भी संकोच न करना
कमीनो ने फेहरिस्त बना रख्खी है
घोटालों की
मत होना नतमस्तक
ले लो साथ कुछ और हाथों का
जो निडर निस्वार्थ
भगत सिंह के पुत हों
फिर उसकी मंजिल उनकी मंजिल
सबकी मंजिल एक होगी
मत डरना सखिचों से
यह तुम्हारा प्यार होगा
इस देश पर परचम लहराएगा
आदर्शों का यही तुम्हारा श्रृंगार होगा
तुमने जाना आज का कटु सत्य
और निकल पड़े लड़ने भिड़ने
कुच्छ और को भी जानना है
फिर कुछ और को, फिर कुछ और को
मत होना नतमस्तक
यह लोलुपता की अंधड़ आंधी है
अंधत्व दे दो उनको जो सहभागी हैं
गुनेश्वर
यह लोलुपता की अंधड़ आंधी है
अंधत्व दे दो उनको जो सहभागी हैं
हमारे सांस्कृतिक परिवेश को
क्या वह जनता नहीं
परवश हुआ जा रहा है फिर भी
मानता नहीं
खूंट दो जमीं के अंदर दो गज
प्यार अनुराग की कोई मजबूरी नहीं
किंचित भी संकोच न करना
कमीनो ने फेहरिस्त बना रख्खी है
घोटालों की
मत होना नतमस्तक
ले लो साथ कुछ और हाथों का
जो निडर निस्वार्थ
भगत सिंह के पुत हों
फिर उसकी मंजिल उनकी मंजिल
सबकी मंजिल एक होगी
मत डरना सखिचों से
यह तुम्हारा प्यार होगा
इस देश पर परचम लहराएगा
आदर्शों का यही तुम्हारा श्रृंगार होगा
तुमने जाना आज का कटु सत्य
और निकल पड़े लड़ने भिड़ने
कुच्छ और को भी जानना है
फिर कुछ और को, फिर कुछ और को
मत होना नतमस्तक
यह लोलुपता की अंधड़ आंधी है
अंधत्व दे दो उनको जो सहभागी हैं
गुनेश्वर
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