लेकिन मैं तुमको कैसे खोजू
तुम तो मेरे अंतस की गरिमा हो
आत्मसाथ कर लिया था तुमको मैंने
और तुम प्रचंड आवेग के साथ कह पड़ी
क्यों इतनी देर लगा दी तुमने
क्यों तुमने न जाना मेरे अंतस का उत्साह
निपट अकेले बैठ सोचा करती तुमको
और तुम हर दम धुन्ध मे खड़े
जब-जब चाहा हाथ बढ़ा थाम लू तुमको
तुमने इंतज़ार न किया धुन्ध के छटने का
...
और अब कहते हो
तुम तो मेरे अंतस की गरिमा हो
कैसे खोजू तुमको
अब अपनी गरिमा को गरिमामय रहने दो
पलके मूँदे चुपचाप मुझे ये सहने दो
अब मैंने अपने किनारे धुन्धो मे छुपा रखखा है
मत खोजो मुझे मैंने तुम्हें अपने सपनों मे सुला रखा है||||
गुनेश्वर
तुम तो मेरे अंतस की गरिमा हो
आत्मसाथ कर लिया था तुमको मैंने
और तुम प्रचंड आवेग के साथ कह पड़ी
क्यों इतनी देर लगा दी तुमने
क्यों तुमने न जाना मेरे अंतस का उत्साह
निपट अकेले बैठ सोचा करती तुमको
और तुम हर दम धुन्ध मे खड़े
जब-जब चाहा हाथ बढ़ा थाम लू तुमको
तुमने इंतज़ार न किया धुन्ध के छटने का
...
और अब कहते हो
तुम तो मेरे अंतस की गरिमा हो
कैसे खोजू तुमको
अब अपनी गरिमा को गरिमामय रहने दो
पलके मूँदे चुपचाप मुझे ये सहने दो
अब मैंने अपने किनारे धुन्धो मे छुपा रखखा है
मत खोजो मुझे मैंने तुम्हें अपने सपनों मे सुला रखा है||||
गुनेश्वर
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