बच्चों के मन
रुनझुन रुनझुन
किलोल करे
अमिया खाये
डांट डपट से
... वो न घबराए
मीठी बोली से
सुंदल गीत सुनाये
बच्चो के मन
छुट्टी है शोर मचाए
आसमान सर पर उठाए
साँप सीढ़ी और लूडो
शतरंज की चालों मे
भी अपना सर खपाये
थक थक जाये
पसीने से भीग जाये
पेट भर ठंडा ठंडा
पेय पी जाये
बच्चों के मन
बच्चो के मन
कितने चंचल
हर पल हर पल
धमा चौकड़ी भरते
स्वछंद हो घर घर फिरते
होमवर्क की नहीं लेते सुध
थक हार सो जाते खो सुध बुध
बच्चो के मन
कितने चंचल कितने चंचल
रुनझुन रुनझुन रुनझुन
रुनझुन रुनझुन रुनझुन
गुनेश्वर
रुनझुन रुनझुन
किलोल करे
अमिया खाये
डांट डपट से
... वो न घबराए
मीठी बोली से
सुंदल गीत सुनाये
बच्चो के मन
छुट्टी है शोर मचाए
आसमान सर पर उठाए
साँप सीढ़ी और लूडो
शतरंज की चालों मे
भी अपना सर खपाये
थक थक जाये
पसीने से भीग जाये
पेट भर ठंडा ठंडा
पेय पी जाये
बच्चों के मन
बच्चो के मन
कितने चंचल
हर पल हर पल
धमा चौकड़ी भरते
स्वछंद हो घर घर फिरते
होमवर्क की नहीं लेते सुध
थक हार सो जाते खो सुध बुध
बच्चो के मन
कितने चंचल कितने चंचल
रुनझुन रुनझुन रुनझुन
रुनझुन रुनझुन रुनझुन
गुनेश्वर
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