Monday, 1 July 2013

हजारो सर नतमस्तक

हराम का रुपय्या क्या गजब
भैय्या
चोर खाए तो सजा
नेता खाए तो मजा
वाह भैय्या !वाह!

माँ ............की कसम ------?

भैय्या
ये क्या हो रहा है देश का
भ्रष्टचार और
खरपतवार
बराबर बराबर

पूर्वजो ने सिखाया
हमने गांठ बांध ली

जड़ से उखाड़ देना
खरपतवार हो
भ्रष्टाचार हो

पर पर पर

अरे! क्या पर पर

ख़त्म कर न किस्सा
जा दुकान पे| "दो" दे
समझ मै आये तो
पैसे वापस
न समझ मै आये तो

उसके बाद भी बताना पड़ेगा क्या

ऐ भिडू ले दे के तो
थोड़ी बहुत इज्ज़त बची है
बच्चो के सामने

अब तो चेत जाओ
निकलो घर से
मेरे अधेड़ जवानो

हमारे देश के जवानो ने तो
लव पार्क मैं बैठने का
ठेका लिया हुआ है

और मशगुल हैं

क्या करे उन्हें गुलामी से
डर नहीं लगता

ये आव्हान है
प्यार का प्यार से
आओ अब भी जुड़ जाओ
कोई यंहा रूठने मनाने की
प्रतियोगिता नहीं हो रही है
की आप देर से आये
हिस्सा नहीं ले सकते

तुम्हारा एक कदम यदि देश को
बचाता है
हजारो सर नतमस्तक

"देने चले आजादी हमें ,बिना खडग- बिना ढाल 

सुनो सुनो, मेरी सुनो , उनकी सुनो
हम सब की सुनो
क्या कहता है ये वतन
क्या चाहता है ये वतन

दुबके न रहो
मुखरित हो कहो
हाथो मैं हाथ दे
सबके साथ रहो

सुनो सुनो, मेरी सुनो , उनकी सुनो
हम सब की सुनो
क्या कहता है
हमारा ये चमन

ऐ मेरे वतन के लोगो
जरा याद करो क़ुरबानी
जो शहीद हुंए है उनकी
जरा याद करो क़ुरबानी

उनकी क़ुरबानी
को इन वहशियों ने
लोलुपता के
अंधड़ में धकेल दिया
कसम खाओ, ले लो गे
वापस अपनी आजादी

सुनो सुनो, मेरी सुनो , उनकी सुनो
हम सब की सुनो
क्या कहता है
हमारा ये चमन

जब हम तुम साथ साथ
फिर डरने की है क्या बात
सुनो सुनो, मेरी सुनो , उनकी सुनो

निकल पड़ो
मत मांगो अपना हक़
छीन लो
थोड़ी देर के लिए माँ पिताज
क्रोधित जरुर होंगे
क्योंकि कभी उन्होंने छिनने की
शिक्षा नहीं दी
पर समझ जायेंगे

हमारी अपनी पूंजी
रजिया[ पूंजी ] गुंडों मै

गुंडा

01______________________________
02_______________________________
03_______________________________
04_______________________________

खुली छुट है

नंबर देकर नाम लिखते जाओ

पूरी कविता कोपी पेस्ट करो
जितने नाम लिख सकते हो
लिस्ट इतनी लम्बी होनी चाहिए
सब की रूह तक कांप जाये

देश हित मैं ,देश के लिए ,देश का नागरिक
एक आम आदमी

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