आहट
उनके आने की
सम्बोधन के लिए
शब्दों की तलाश
व्याकुल चित से।
सहसहा थम गई
आहट
उनके आने की
सम्भवत: वे भी विचलित
सम्बोधन तलाश करता मन
अपनों के लिए
क्या बिना सम्बोधन के वाकिफ
नहीं हो सकते अपनों से
गुनेश्वर
उनके आने की
सम्बोधन के लिए
शब्दों की तलाश
व्याकुल चित से।
सहसहा थम गई
आहट
उनके आने की
सम्भवत: वे भी विचलित
सम्बोधन तलाश करता मन
अपनों के लिए
क्या बिना सम्बोधन के वाकिफ
नहीं हो सकते अपनों से
गुनेश्वर
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