Saturday, 29 June 2013

हर उस लम्हे को पूर्ण रूप से जी लेना चाहिए, जो तुम्हें भविष्य मे भी प्यारा सा अहसास दिलाने वाला हो, क्योंकि हर पल , हर क्षण अपने द्वारा रचित अपने लिए सिर्फ अपना होता है | जब भी ऐसा लगे की शांत बैठ कर कुछ पुरानी यादों को , बीते हुए पलों को समेट कर आज सोचा जाय और आज का वह पल, वह क्षण भी ख़ुशबुओं से भर जाएगा ||
कुछ ऐसा होता
की
हम आस-पास होते
बातें करते बहुत सारी
काश ऐसा होता

कुछ ऐसा होता
की
परिभाषाओं के प्रति समर्पित होते
एक शब्द तुम कहते
एक शब्द मैं कहता
साथ-साथ बैठ मायने ढुढ़ते
काश ऐसा होता



कुछ ऐसा होता
की
हम अलंकारों के प्रति समर्पित होते
कोई छंद तुम कहते
कोई छंद मै कहता
पास-पास बैठ
साथ-साथ पढ़
पुरानी स्मृतियों को
जागृत करते
कोई अनछुई स्मृति
तुम कहते
कोई मै
साथ साथ जीते
काश ऐसा होता

कुछ ऐसा होता
की हम अपने होने का अहसास करते
धीरे से मै छूता
हौले से तुम
काश ऐसा होता
काश ऐसा होता
इसलिए हर उस लम्हे को पूर्ण रूप से जी लेना
तब तुम्हें काश का इंतजार नहीं होगा


गुनेश्वर 

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