उन्वान /// प्रेम
ऐ खुदा फ़कत इंसान बनाया तूने
प्रेम पर्व का अनुबंध निभाया तूने
प्रखरता से परिभाषित किया परहित
प्रगल्भ सब,पर स्वार्थ न हटाया तूने
गुनेश्वर
प्रगल्भ= प्रतिभावान ,उत्कृष्ट बुद्धि वाले
अवसर के अनुकूल त्वरित निर्णय करने
वाले
उन्वान /// प्रेम
मुक्तभाव
चहुँ ओर आह्लादित प्रकीर्तन प्रेम का देखो
प्रेम नहीं प्रघुण न प्रगेतन है यह मन अंदर
प्रजनिका और प्रजनक है प्रच्यूत नहीं कभी
प्रेम पावन है आओ आज कर लें प्रेमाभिषेक
गुनेश्वर
प्रघुण = मेहमान अतिथि
प्रगेतन= प्रात: काल किया जानेवाला
प्रजनिका= माता
प्रजनक = पैदा करने वाला
प्रच्यूत=पतित गिरा हुआ
ऐ खुदा फ़कत इंसान बनाया तूने
प्रेम पर्व का अनुबंध निभाया तूने
प्रखरता से परिभाषित किया परहित
प्रगल्भ सब,पर स्वार्थ न हटाया तूने
गुनेश्वर
प्रगल्भ= प्रतिभावान ,उत्कृष्ट बुद्धि वाले
अवसर के अनुकूल त्वरित निर्णय करने
वाले
उन्वान /// प्रेम
मुक्तभाव
चहुँ ओर आह्लादित प्रकीर्तन प्रेम का देखो
प्रेम नहीं प्रघुण न प्रगेतन है यह मन अंदर
प्रजनिका और प्रजनक है प्रच्यूत नहीं कभी
प्रेम पावन है आओ आज कर लें प्रेमाभिषेक
गुनेश्वर
प्रघुण = मेहमान अतिथि
प्रगेतन= प्रात: काल किया जानेवाला
प्रजनिका= माता
प्रजनक = पैदा करने वाला
प्रच्यूत=पतित गिरा हुआ
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